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स्वर्णरेखा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए चलाई जा रही है ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना


10 December 2025 | रांची

विधानसभा में सरयू राय के सवाल पर सरकार ने दिया जवाब

जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने बुधवार को विधानसभा में अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से राँची और जमशेदपुर शहरों के कूड़ा-कचरा और दूषित जल को स्वर्णरेखा नदी में गिराने और जल प्रदूषण का विषय उठाया। सरकार ने रांची की हरमू और जुमार नदी तथा जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का जल प्रदूषण दूर करने के लिए किये जा रहे उपायों का विस्तृत ब्यौरा दिया। 

सरयू राय ने पूछा था कि क्या यह बात सही है कि राँची और जमशेदपुर शहरों की बेहिसाब गंदगी स्वर्णरेखा नदी में गिर रही है और नदी को प्रदूषित कर रही है? इस पर सरकार का जवाब था कि नदी को प्रदूषित होने से बचाने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट परियोजना चलाई जा रही है। 

दूसरा सवाल यह था कि क्या यह बात सही है कि रांची की हरमू नदी पर बने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बेकार हो गये हैं और स्वर्णरेखा में गिरने वाले अन्य नालों की सफाई नहीं हो रही है। इस सवाल पर सरकार का जवाब था कि हरमू नदी जीर्णोद्धार एवं संरक्षण परियोजना का कार्य एकरारनामा संख्या.06 जुडको लि. दिनांक 24-02-2015 के माध्यम से प्रारंभ किया गया था। एकरारनामा के अनुसार कार्य के निर्माण पूर्ण होने के उपरांत संवेदक द्वारा परियोजना का कुल 05 वर्षों का ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस का कार्य कराना था। निर्माण कार्य दिनांक 31-10-2018 को समाप्त होने के उपरांत कुल पांच वर्ष तक संवेदक द्वारा हरमू नदी में निर्मित सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का रखरखाव का कार्य किया गया है। आगे की अवधि में रखरखाव हेतु कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। नौ वार्ड (1 से 5 तथा 30 से 33) के सीवरेज ट्रीटमेंट हेतु बड़गाई में 37 एमएलडी का सीरवेज ट्रीटमेंट प्लांट बन कर तैयार है और यह क्रियाशील है। ट्रीटमेंट के बाद ट्रीटेड पानी बड़ा तालाब में जा रहा है। 

सरयू राय ने जानना चाहा था कि क्या यह बात सही है कि जमशेदपुर और मानगो की नगरपालिकाओं ने स्वर्णरेखा-खरकई में गिरने वाले नालों के प्रदूषित बहिस्राव को साफ करने का कोई उपाय नहीं किया है? इस पर सरकार ने जवाब दिया कि स्वर्णरेखा नदी को प्रदूषण मुक्त करने हेतु परामर्शी के द्वारा सर्वे कराया गया है, जिसके अनुसार मानगो नगर निगम अंतर्गत स्वर्णरेखा में गिरनेवाले नालों की संख्या कुल 09 है। नदी में गिरनेवाले 09 नालों के जल को प्रदूषण मुक्त करने के उद्देश्य से अलग-अलग स्थानों पर सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कर ट्रीटेड पानी को नदी में गिराने की  परियोजना ली गयी है। इस हेतु कुल ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण कराने हेतु डीपीआर तैयार किया गया है तथा जमशेदपुर अक्षेस अंतर्गत स्वर्णरेखा में गिरनेवाले नालों की संख्या कुल 12 है। नदी में गिरनेवाले 12 नालों के जल को प्रदूषण मुक्त करने के उद्देश्य से अलग-अलग स्थानों पर सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट का निर्माण कर ट्रीटेड पानी को नदी में गिराने की परियोजना ली गई है, जिसमें प्रथम चरण में 03 नालों को जोड़ते हुए उसके निर्गमण स्थल पर 1.2 एमएलडी क्षमता का एसटीपी एवं आईएंडडी का निर्माण कराये जाने हेतु निविदा का प्रकाशन किया जा चुका है। नालों के प्रदूषित पानी के ट्रीटमेंट हेतु परामर्शी के द्वारा 44 एमएलडी क्षमता के एसटीपी निर्माण हेतु पाइनल डीपीआर समर्पित किया जा चुका है। इस सबंध में अग्रेतर कार्यवाही की जा रही है।
 

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